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नगर निगम को पर्यावरण विभाग का नोटिस.. कचरा प्रबंधन में नगर निगम पूरी तरह फेल..

रायगढ़ : बस स्टैंड के पास ट्रांसपोर्ट नगर को नगर निगम ने कचरे का नया डंपिंग यार्ड बना दिया है। यहां हालात अनियंत्रित हो चुके हैं। गंदगी के बीच बच्चे और महिलाएं कचरा बीनते रहते हैं। मवेशी भी मंडराते रहते हैं। यहां आग भी लगा दी गई है जहां से दिनरात धुआं निकलते रहता है। पर्यावरण विभाग ने स्थल निरीक्षण के बाद नगर निगम को नोटिस दिया है। कचरा प्रबंधन में रायगढ़ नगर निगम पूरी तरह फेल हो चुका है...


शहर से निकलने वाले कचरे का न तो एकत्रीकरण हो रहा है और न ही पृथक्करण। शहर का घरेलू और दुकानों का कचरा वाहनों के जरिए एसएलआरएम सेंटर ले जाने के बजाय ट्रांसपोर्ट नगर में डंप किया जा रहा है। यहां कचरे का अंबर लग चुका है। हर तरफ प्लास्टिक कचरा फैला हुआ है। गंदगी के बीच में कुछ परिवार कचरा बीनते रहते हैं। उनके स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है...


आग लगने से दिनरात धुआं निकलते रहता है। इस डंपिंग यार्ड का निरीक्षण पर्यावरण विभाग ने भी किया था। नगर निगम के प्रतिनिधि भी इस दौरान मौजूद थे। विभाग ने पाया कि एसएलआरएम सेंटर के पास अत्यधिक मात्रा में ठोस अपशिष्ट खुले में अनियंत्रित और अवैज्ञानिक रूप से भंडारण किया गया है। जांच अधिकारियों के सामने ही नगर निगम के टिप्पर से कचरा लाकर फेंका जा रहा था। कई जगहों पर आग लगने से वातावरण धुआंमय हो गया था। नगरीय ठोस अपशिष्ट नियम 2016 के प्रावधानों के तहत डंपिंग यार्ड में समाधान करने का निर्देश पर्यावरण विभाग ने दिया था। दस दिन में कचरे का निपटारा करके जवाब प्रस्तुत करना था लेकिन अभी तक नगर निगम की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया..

एनजीटी ने किया है प्रतिबंधित

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने ठोस अपशिष्ट को जलाना पूर्णत: प्रतिबंधित किया है। उल्लंघन की स्थिति में 5000 रुपए और 25000 रुपए की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति वसूली जा सकती है। पर्यावरण विभाग ने तत्काल सुधार करने को कहा है अन्यथा कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस पर भी नगर निगम पर कोई असर नहीं पड़ा है। प्लास्टिक रिसायकल प्लांट का भी अता-पता नहीं है...।

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